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श्री बद्रीनाथ जी की आरती
भू-वैकुंठ श्री बद्रीनाथ धाम (बद्री विशाल) की पावन एवं प्राचीन आरती।
गीत / Lyrics
॥ श्री Lord Vishnu नमः ॥
पवन मन्द सुगन्ध शीतल, हेम मन्दिर शोभितम्।
निकट गंगा बहत निर्मल, श्री बद्रीनाथ विश्वम्भरम्॥
शेष सुमिरन करत निशिदिन, धरत ध्यान महेश्वरम्।
श्री बद्रीनाथ कल्पवृक्ष, नमामि देव दयाकरम्॥
कोटि तीरथ धाम पावन, अलकनंदा तट स्थिताम्।
सिद्ध गन्धर्व करत स्तुति, श्री बद्रीनाथ कृपाकरम्॥
आरती श्री बद्रीश की, जो नर-नारी गावैं।
तप्तकुण्ड स्नान करिके, मोक्ष पद वो पावैं॥
ॐ ॐ ॐ
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लाभ
बद्रीनाथ जी की आरती से मोक्ष, आत्मिक शांति और विष्णु कृपा सहज प्राप्त होती है।
विस्तृत सामग्री
पवन मन्द सुगन्ध शीतल, हेम मन्दिर शोभितम्।
निकट गंगा बहत निर्मल, श्री बद्रीनाथ विश्वम्भरम्॥
शेष सुमिरन करत निशिदिन, धरत ध्यान महेश्वरम्।
श्री बद्रीनाथ कल्पवृक्ष, नमामि देव दयाकरम्॥
कोटि तीरथ धाम पावन, अलकनंदा तट स्थिताम्।
सिद्ध गन्धर्व करत स्तुति, श्री बद्रीनाथ कृपाकरम्॥
आरती श्री बद्रीश की, जो नर-नारी गावैं।
तप्तकुण्ड स्नान करिके, मोक्ष पद वो पावैं॥
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