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श्री गायत्री माता की आरती
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श्री गायत्री माता की आरती

वेदमाता एवं आदिशक्ति माँ गायत्री की पावन प्रभात आरती।

गीत / Lyrics

॥ श्री Goddess Gayatri नमः ॥
जयति जय गायत्री माता, जयति जय गायत्री। आदिशक्ति तुम अलख निरंजन, जग पालन कर्त्री॥ ब्रह्म तेजमय रूप तुम्हारा, वेदों की जननी। सद्बुद्धि सद्ज्ञान प्रदायिनि, भव भय नाशनि॥ हंस वाहिनी श्वेत वसना, कमल आसन सोहे। कर में वेद कमंडल शोभित, सुर मुनि मन मोहे॥ जो ध्यावे गायत्री माता, तारण तरन पावे। जन्म मरण के बंधन छूटें, परम पद वो पावे॥
ॐ ॐ ॐ
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लाभ

बुद्धि की प्रखरता, आत्मिक तेज, और ब्रह्म ज्ञान की प्राप्ति होती है।

विस्तृत सामग्री

जयति जय गायत्री माता, जयति जय गायत्री। आदिशक्ति तुम अलख निरंजन, जग पालन कर्त्री॥ ब्रह्म तेजमय रूप तुम्हारा, वेदों की जननी। सद्बुद्धि सद्ज्ञान प्रदायिनि, भव भय नाशनि॥ हंस वाहिनी श्वेत वसना, कमल आसन सोहे। कर में वेद कमंडल शोभित, सुर मुनि मन मोहे॥ जो ध्यावे गायत्री माता, तारण तरन पावे। जन्म मरण के बंधन छूटें, परम पद वो पावे॥
HINDI Morning Aarti Goddess Gayatri 05:00
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